agla mahina

अगला महिना TEST

TEST

 

इतना सुनते ही राजू , TEST उदास होकर बोला मतलब आज भी अगला महिना नहीं आया……….

और राजू से ज्यादा हर बार इस सवाल से उसके माता-पिता दुखी हो जाते |

TEST

 

 

 

राजू  के पापा के ऑटो चलाने का काम किया करते थे, और माँ घर में रहती थी।

राजू  जहाँ पर रहता था, वहा पर बहुत सारे बच्चे रहा करते थे।

और सभी साथ में खेला करते थे।

 

सुबह और शाम पूरा मोहल्ला बच्चो की शोर-गुल से गूंजा करता ….

अभी पांच साल का था, राजू , जिसको दुनिया का मतलब, सिर्फ माँ-पापा का प्यार और 

खिलौने से समझ आता |

 

खिलौने से खेलना, राजू को बहुत अच्छा लगता था |

राजू और उसके दोस्त सब मिल कर खेला करते …..सबको बहुत मजा भी आता था।

राजू के दोस्तों के पास ढेरो खिलौने थे …..

 

जैसे छोटे-छोटे रंग बिरंगे कार, ट्रैन , ट्रक और भी बहुत कुछ …..

राजू को भी मन करता की, उसके पास भी खिलौने से भरी बैग हो, जिसमे सभी प्रकार के  खिलौने  हो ,

और वो जी भर के खेल सके।

 

कभी-कभी छुक-छुक ट्रैन, सपने में भी आ जाया करती, और राजू को बहुत मजा आता।

जब ट्रैन पटरी पर दौड़ती राजू  भी, ट्रैन के साथ-साथ दौड़ने लगता । लेकिन सपना टूटते ही ट्रैन 

गायब हो जाता …..और राजू उदास हो जाता ।

 

राजू अपने पिता जी का आने का इंतजार आज बहुत देर से कर रहा था।

 

और जैसे राजू के पिता जी आये राजू गोद में बैठ कर कहा मुझे ट्रैन चाहिए पापा ….

राजू के पिता जी बोले आगले महीने ले आयेगे छुक-छुक ट्रैन तुम्हारी …. और दोनों हँसने

लगे |

 

राजू अपनी छोटी सी कार को लेकर खेलने लगा, जिसमे चक्के गायब थे, लेकिन वो

उस वक्त इतना खुश था, की उसे उस टूटी हुई खिलौने के तरफ उसका कोई ध्यान ही नहीं था।

और जो खिलौना उसे जरा भी पसंद न थी …. वो ट्रैन के आने की ख़ुशी में प्यारी लग रही थी।

साथ ही अगले महीने का इंतजार भी था।

 

अगले महीने का मतलब तो ठीक से पता ही नहीं था ….राजू को, बस वो खुश था …. अगले

महीने के लिए |

 

रोज अपने पिताजी से अब अभी पूछा करता, पापा आज अगले महीने है क्या ????

और राजू के पिता इस प्रश्न का उत्तर नहीं दे पाते …. बस धीरे से कह देते नहीं बेटा |

 

बहुत दिनों बाद आज राजू माँ पापा के साथ मेला देखने जाने वाला था।

पहले से सोच रहा था ,आज अगले महीने होगा लगता है।

 

लेकिन आज उसने अपने पिता जी को नहीं पूछा |

मेला पहुचते ही उसकी नजरे खिलोने की दुकान तलाशने लगी … जैसे ही उसकी नजर एक

खिलौने की दुकान पर टीकी …

 

चहकते हुए कहा माँ-पापा देखो छुक-छुक ट्रैन …..पापा आज अगले महीने है न ….

राजू के पिता ने, अभी को गोद में उठाकर कहाँ इतने पैसे नहीं है की तुम्हारी छुक-छुक ट्रैन 

ले जा सके |

TEST

इतना सुनते ही राजू , TEST उदास होकर बोला मतलब आज भी अगला महिना नहीं TEST

आया……….

और राजू से ज्यादा हर बार इस सवाल से उसके माता-पिता दुखी हो जाते |

 

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